नई दिल्ली, 18 जून। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा वेव्स 2025 के तहत शुरू किया गया क्रिएट इन इंडिया चैलेंज, भारत की रचनात्मक प्रतिभा को वैश्विक स्तर पर पहचानने और उसे आगे बढ़ाने के लिए एक परिवर्तनकारी मंच के रूप में उभरा है। इसकी असाधारण सफलता की एक कहानी, प्रसिद्ध एनीमेशन फिल्म निर्माता सुरेश एरियात की फिल्म 'देसी ऊन' ने फ्रांस के एनेसी इंटरनेशनल एनिमेशन फेस्टिवल 2025 में सर्वश्रेष्ठ कमीशन्ड फिल्म के लिए जूरी पुरस्कार जीतकर भारतीय एनीमेशन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति दिलाई है।
एनीमेशन के लिए दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित उपलब्धि के रूप में मानी जाने वाली यह दुर्लभ और महत्वपूर्ण जीत भारतीय एनीमेशन को विश्व मानचित्र पर स्थान दिलाती है।
देसी ऊन को हाल ही में क्रिएट इन इंडिया चैलेंज के तहत भारत के अग्रणी एनीमेशन और डिज़ाइन मान्यता प्लेटफ़ॉर्म वेव्स अवार्ड्स ऑफ़ एक्सीलेंस 2025 में सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म का ख़िताब दिया गया। एनेसी सम्मान के अलावा, फ़िल्म को फ़िल्म क्राफ्ट लायंस श्रेणी में कान लायंस 2025 में भी शॉर्टलि
स्ट किया गया है, जो भारत के एनीमेशन उद्योग के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
सुरेश एरियात की कहानी कहने की प्रतिभा और स्टूडियो ईक्सॉरस की शिल्पकला ने भी कई अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार अर्जित किए हैं:
- एआईसीपी शो विनर 2025 - फिल्म को न्यूयॉर्क के म्यूजियम ऑफ मॉडर्न आर्ट (एमओएमए) में संग्रहित किया जाएगा, यह सम्मान सबसे प्रभावशाली वैश्विक कार्यों के लिए आरक्षित है।
- गुड ऐड्स मैटर 2025 में 2 स्वर्ण पदक - सर्वश्रेष्ठ एनीमेशन फिल्म और सर्वश्रेष्ठ एनीमेशन + सीजीआई एकीकरण के लिए मान्यता प्राप्त।
- 2 ब्ल्यू एलीफेंट्स एंड 1 बेबी ब्लैक एलीफेंट – प्रतिष्ठित क्युरियस क्रिएटिव अवार्ड्स में
- डी एंड ए डी वुडन पेंसिल विनर - वैश्विक विज्ञापन में डिजाइन उत्कृष्टता के लिए सम्मानित
‘देसी ऊन’ एक फिल्म से कहीं बढ़कर है, यह एक सांस्कृतिक उपलब्धि है। भारतीय लोकाचार में गहराई से निहित, फिर भी वैश्विक रूप से गूंजने वाले एनीमेशन के माध्यम से व्यक्त, यह इस बात का प्रमाण है कि कैसे स्वदेशी कथाएँ, जब मौलिकता और तकनीकी बारीकियों के साथ कही जाती हैं, तो दिल जीत सकती हैं।
क्रिएट इन इंडिया चैलेंज 2025 की देखरेख करने वाले सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधिकारी अनुभव सिंह ने कहा, "वेव्स जैसे प्लेटफ़ॉर्म और क्रिएट इन इंडिया चैलेंज जैसी पहल के माध्यम से, हमारा लक्ष्य रचनात्मक उत्कृष्टता को उजागर करना है जो भारत को वैश्विक सामग्री निर्माण पावरहाउस के रूप में देखने के हमारे दृष्टिकोण के अनुरूप है।"
आसिफा इंडिया के अध्यक्ष श्री संजय खिमेसरा ने कहा, "यह जीत सिर्फ़ सुरेश एरियात की नहीं है; यह भारत की जीत है। देसी ऊन एक फ्रेम-दर-फ्रेम यात्रा में भारत की आत्मा को दर्शाता है जिसमें हास्य, भावना और कलात्मकता का मिश्रण है। यह भारतीय रचनाकारों की नई पीढ़ी को बड़ा सोचने, अपनी जड़ों से जुड़े रहने और वैश्विक लक्ष्य रखने के लिए प्रेरित करता है।"
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