मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम योजना को मंत्रि-परिषद की मंजूरी: गांव होंगे आत्मनिर्भर, प्रदेश को मिलेगा आदर्श मॉडल
भोपाल, 1 जुलाई।
मध्य प्रदेश सरकार ने गाँवों के सर्वागीण विकास के लिए "मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम योजना" का शुरू करने का फैसला किया है, जिसका उद्देश्य – हर विधानसभा में एक आदर्श, आत्मनिर्भर ग्राम विकसित करना है।
इस योजना के तहत न्यूनतम 2000 जनसंख्या और 500 गौवंश वाले ग्रामों को चयनित कर उन्हें आर्थिक, सामाजिक और अधोसंरचनात्मक दृष्टि से सशक्त बनाया जाएगा। इसमें गौ-पालन, जैविक कृषि, डेयरी विकास, जल और सौर ऊर्जा संरक्षण, तथा स्वरोजगार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इन ग्रामों को प्रदेश के अन्य गांवों के लिए प्रेरणा स्रोत के रूप में विकसित किया जाएगा।
इन वृन्दावन ग्रामों में कुल 6 श्रेणियों के अंतर्गत बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिनमें स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता, ऊर्जा, आवास, जलापूर्ति, डेयरी, कुटीर उद्योग, ग्राम पर्यटन, हरियाली, धार्मिक स्थलों का संरक्षण और ई-पंचायत जैसी सुविधाएं शामिल हैं। योजना का लक्ष्य आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत का एक सशक्त मॉडल तैयार करना है।
क्षतिग्रस्त पुलों के लिए ₹4572 करोड़ की योजना: 1766 पुलों का होगा पुनर्निर्माण
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में संपन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य मद अंतर्गत क्षतिग्रस्त पुलों के पुनर्निर्माण की योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। 2025-26 से 2029-30 तक कुल 1766 पुलों को फिर से बनाया जाएगा, जिसके लिए ₹4572 करोड़ स्वीकृत किए गए। इससे प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में बारहमासी संपर्क सुनिश्चित होगा। इस योजना की निगरानी मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण द्वारा की जाएगी।
भोपाल में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी
राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर के उप-कैंपस की स्थापना भोपाल में की जाएगी। इसके लिए तीन वर्षों तक प्रति वर्ष ₹1.05 करोड़ की राशि आवंटित की जाएगी। अस्थायी रूप से इसका संचालन राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) के परिसर से किया जाएगा, और बाद में 10 एकड़ भूमि पर इसका स्थायी भवन बनेगा। यह विश्वविद्यालय राष्ट्रीय सुरक्षा, कौशल विकास और रोजगार के नए अवसरों का केंद्र बनेगा।
छात्रावासों के लिए मेस संचालन और खाद्य सुविधा को स्वीकृति
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित 108 छात्रावासों में निवासरत 9050 विद्यार्थियों के लिए मेस सुविधा शुरू करने की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई। इसके लिए ₹31 करोड़ का कुल बजट (₹14 करोड़ अनावर्ती + ₹17 करोड़ आवर्ती) स्वीकृत किया गया।
नवीन कानूनों के क्रियान्वयन के लिए 1266 पदों का सृजन
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। 7 वर्ष या उससे अधिक की सजा वाले मामलों में फॉरेंसिक विशेषज्ञों की अनिवार्यता को देखते हुए कुल 1266 नए पदों की मंजूरी दी गई है, जिनमें 202 वैज्ञानिक अधिकारी शामिल हैं।
तीन नवगठित जिलों में जनजातीय एवं अनुसूचित जाति कार्यालयों की स्थापना
मऊगंज, मैहर और पांढुर्णा में जिला संयोजक जनजातीय एवं अनुसूचित जाति कार्यालयों की स्थापना को भी मंत्रि-परिषद ने मंजूरी दी। इसके अंतर्गत कुल 48 पदों का सृजन और ₹3.81 करोड़ के वार्षिक अतिरिक्त व्यय की स्वीकृति प्रदान की गई।
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