भोपाल, 26 जून.
वक़्फ सम्पत्तियों के डिजिटलाइजेशन के कार्य में देश में मध्यप्रदेश मॉडल बनकर उभर रहा है। प्रदेश में वक़्फ सम्पत्तियों के डिजिटलाइजेशन का कार्य अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा राजस्व विभाग के सहयोग से किया जा रहा है।
प्रदेश की सभी 15003 वक़्फ सम्पत्तियों के डिजिटलाइजेशन का कार्य किया जा चुका है। पहले स्तर पर वक़्फ बोर्ड द्वारा डिजिटलाइजेशन के कार्य का वेरिफिकेशन कर लिया गया है। दूसरे स्तर पर राजस्व विभाग द्वारा जिला स्तर पर वेरिफिकेशन का कार्य किया जा रहा है।
अब तक कुल डिजिटलाइजेशन सम्पत्तियों में से 2425 सम्पत्तियों का वेरिफिकेशन राजस्व विभाग द्वारा किया जा चुका है।
प्रदेश में सर्वाधिक वक़्फ सम्पत्तियों वाले 11 जिलों में कुल वक़्फ सम्पत्तियों और डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया का अवलोकन करने पर ज्ञात होता है कि उज्जैन, विदिशा, भोपाल, शाजापुर, सीहोर, रायसेन, इंदौर, धार, बुरहानपुर, देवास और मंदसौर जिलों की सभी वक़्फ सम्पत्तियों का डिजिटलाइजेशन किया जा चुका है।
इनमें उज्जैन जिले की 1054, विदिशा जिले की 929, भोपाल जिले की 816, शाजापुर की 801, सीहोर की 699, रायसेन की 665, इंदौर की 645, धार की 638, बुरहानपुर की 573, देवास की 572 और मंदसौर जिले की 528 वक़्फ सम्पत्तियाँ शामिल हैं।
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