रायपुर के उरकुरा क्षेत्र स्थित एक फोम फैक्ट्री में शुक्रवार को भीषण आग लग गई, जिसने एक दर्दनाक हादसे का रूप ले लिया। आग इतनी तेज़ थी कि फैक्ट्री में काम कर रहा एक मजदूर उसमें जिंदा जल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह मदद के लिए चीखता रहा, लेकिन कोई उसे बचा नहीं सका। लगभग तीन घंटे तक फैक्ट्री धू-धू कर जलती रही।
इस हादसे में करीब 16 मजदूरों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। आग के फैलने की रफ्तार इतनी तेज थी कि कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। दमकल की कई गाड़ियों को आग पर काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। अंततः तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग को बुझाया जा सका।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी हो सकती है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी। फिलहाल पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर हैं और घटना की गंभीरता से जांच की जा रही है।
यह हादसा न केवल एक मजदूर की दर्दनाक मौत की ओर इशारा करता है, बल्कि फैक्ट्रियों में सुरक्षा इंतजामों की कमी पर भी सवाल खड़े करता है। औद्योगिक क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा के मानकों का पालन अनिवार्य है, परंतु अक्सर इनका पालन केवल कागजों तक ही सीमित रहता है। यदि समय रहते अलार्म सिस्टम और आपातकालीन निकास की व्यवस्था होती, तो शायद उस मजदूर की जान बच सकती थी।
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