प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुरुवार को त्रिनिदाद और टोबैगो गणराज्य (टीएंडटी) की दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर आज पोर्ट ऑफ स्पेन पहुंचे। 1999 के बाद से यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की त्रिनिदाद और टोबैगो की पहली द्विपक्षीय यात्रा है। दोनों देशों के बीच घनिष्ठ संबंधों के प्रतीक के रूप में पोर्ट ऑफ स्पेन के हवाई अड्डे पहुंचने पर प्रधानमंत्री का स्वागत त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर ने किया।
उनके साथ मंत्रिमंडल के सदस्य और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी थे। प्रधानमंत्री को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ उनका स्वागत किया गया। होटल पहुंचने पर त्रिनिदाद और टोबैगो में प्रवासी भारतीयों ने देश के कई कैबिनेट मंत्रियों की मौजूदगी में प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत किया.
प्रधनमंत्री को इस अवसर पर त्रिनिदाद टोबैगो का सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान, 'द आर्डर ऑफ़ द रिपब्लिक ऑफ़ त्रिनिदाद एंड टोबैगो’ से सम्मानित किया गया. मोदी ने यह सम्मान दिए जाने पर त्रिनिदाद की सरकार और लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कि यह सम्मान हमारे दोनों देशों की शाश्वत और गहन मित्रता का प्रतीक है। मैं इस सम्मान को 140 करोड़ भारतवासियों की ओर से एक साझा गौरव के रूप में स्वीकार करता हूँ।

इस सम्मान का पहली बार किसी विदेशी नेता को दिया जाना हमारे विशेष संबंधों की गहराई को दर्शाता है। यह संबंध हमारे साझा इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर पर आधारित हैं। एक सौ अस्सी साल पहले भारत से जो लोग यहाँ आए थे, उन्होंने हमारी मित्रता की नींव रखी थी। भले ही उनके हाथ खाली थे, किन्तु उनके मन भारतीय सभ्यता, संस्कृति और विविधता से समृद्ध थे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि त्रिनिदाद के राष्ट्रपति क्रिस्टीन कंगालू के पूर्वज, संत तिरुवल्लुवर की धरती, तमिलनाडु से थे। हज़ारों वर्ष पहले संत तिरुवल्लुवर ने कहा था-
पडई कुडी कूळ् अमईच्चु नट्परन् आरुम्,
उडैयान् अरसरुळ् एरु
यानि मजबूत देशों के पास छह चीज़ें होनी चाहिए। एक वीर सेना, देशभक्त नागरिक, संसाधन, अच्छे जनप्रतिनिधि, मजबूत डिफेंस... और ऐसे मित्र देश जो हमेशा साथ खड़े रहें। त्रिनिदाद और टोबैगो, भारत के लिए वैसा ही मित्र देश है।
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