शब्द नहीं चित्र, फैक्ट चेक की सरकारी मशक्क़त

0:00 / 5:25
शब्द नहीं चित्र, फैक्ट चेक की सरकारी मशक्क़त

भोपाल, 05 जुलाई।  

आमतौर पर सरकार के जनसम्पर्क महकमे को राजनैतिक खंडन मंडन में उलझते या अख़बारों या नई चैनलों में प्रकाशित, प्रसारित ख़बरों का खंडन करते नहीं देखा गया.  लेकिन सोशल मीडिया में संचार, संवाद एवं सन्देश जिस तेजी से बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचते हैं और उन्हें प्रभावित करते हैं, उससे सरकारों और राजनैतिक दलों की नींद हराम हो गयी है . 

हालत यह हो गयी है कि मध्यप्रदेश जनसम्पर्क विभाग को फेसबुक , एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म के अलावा अख़बारों और टेलीविज़न चैनलों में प्रसारित ख़बरों को फैक्ट चेक यानि तथ्यों की कसौटी पर परखा जा रहा है .  गलत जानकारी के आधार पर जो पोस्ट या ख़बरें लिखी जा रही हैं उन्हें बाकायदा फेक बताकर जनसम्पर्क की वेबसाइट में पोस्ट किया जा रहा है।  नीचे पेश हैं कुछ बानगी।     

 

दिनांक 5 जुलाई 2025 को एक्स अकाउंट पर किए गए पोस्ट के संबंध में वस्तुस्थिति

#DPRFactCheck: दिनांक 5 जुलाई 2025 को एक्स अकाउंट पर किए गए पोस्ट पूर्णत: गलत एवं भ्रामक है।

 

भारत सरकार द्वारा मध्‌यप्रदेश को जल जीवन मिशन में दिये गये 30 हजार करोड़ रुपये के संबंध में वस्तुस्थिति उपलब्ध कराए

#DPRFactCheck: प्रमुख अभियंता की तथ्यात्मक रिपोर्ट में शिकायत पाई गई निराधार मंत्री श्रीमती उइके पर लगाए गए आरोप मनगढ़ंत और तथ्यहीन।

 

 

कमेंट्स

राज्य चुनें

फटाफट खबरें

सभी
देश
दुनिया
मध्यप्रदेश
छत्तीसगढ़
राजनीति
खेल
मनोरंजन
धर्म- ज्योतिष
बत्तीसगढ़
वक्ता की पाती
कानाफूसी
सेहत
स्वाद
लाइफ स्टाइल
कवर स्टोरी/ खुलासा
अतिथि आलेख
जॉब्स / नौकरी
अपराध
संस्कृति
ढाई आखर
प्रेस रिलीज़
चाकरनामा
तकनीक
कारोबार
कानून
पर्यटन
मौसम
रक्षा
योग
सेलिब्रिटी